सब्जियों से तैयार किये जा रहे हर्बल रंग- चलिए खेलें होली

सोनम मिश्रा
नेमो रायपुर ब्यूरो

आपने रासायनिक रंगों, फूलों से बने रंगों के बारे में सुना होगा लेकिन सब्जियों से बने रंगो के बारे में नही. इस बार छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिले सब्जियों से हर्बल रंग तैयार किये जा रहे हैं और यह सब आईजीकेवी के विशेषज्ञों की देख रेख में हो रहा है.

त्वचा संक्रमण से बचने के लिये लोग प्राकृतिक रंगों से होली मनाना चाहते है. ऐसे में सेमी, केले के पत्ते, लाल भाजी, पालक भाजी, चुकंदर, हल्दी,धनिया, आलू आदि से नेचुरल कलर तैयार किये जा रहे हैं. शाक-सब्जियों से तैयार किये जा रहे इन रंगों को बनाने की सलाह आईजीकेवी के विशेषज्ञों की है. रायपुर के जोरा स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आई जी के वी) केंद्र के एक्सपर्ट के सलाह से ये प्रयास जारी हैं.

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एस के पाटिल ने बताया कि हर्बल गुलाल बनाने के नतीजे अच्छे आ रहे हैं जल्द ही अन्य सेंटर्स में भी गुलाल बनाना शुरू किया जाएगा.

इंदिरागांधी कृषि विश्विद्यालय के सेंटर्स जैसे दंतेवाड़ा के कृषि विज्ञान केंद्र के सीनियर साइंटिस्ट डॉक्टर नारायण साहू के मुताबिक पिछले साल से सब्जी,फूलो से गुलाल बना रहे हैं. इससे बस्तर की महिलाओं को रोजगार प्राप्त हो रहा है.

गौरतलब है कि ये फलो, फूलो से तैयार किये जा रहे 1 किलो गुलाल में तीन दिनों का समय लगता है. अच्छी बात ये है कि अन्य राज्यो में भी हर्बल रंगों की सप्लाई की जा रही है. ये ग़ुलाल स्किन रोगों को दूर भगाने में मददगार भी है.

इन रंगों को बनाने के लिए लाल भाजी को बारीक-बारीक काटा जाता है इसमें अलग-अलग बर्तन में 18 घंटे तक पानी को गाढ़ा किया जाता है और इस प्रकार गुलाल बनाकर लगाया जाता है. इससे हमारे शरीर में किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं होता है.

इसी तरह केले के पत्ते,चुकंदर से भी गुलाल बनाए जा रहे हैं इसे बनाने के लिए पत्तों को सुखाकर गर्म पानी में उबाला जाता है फिर गुलाल बनाने के लिए पानी में तिखुर का पाउडर डालकर सुखाए जाता है. 3 दिन में गुलाल सूखकर तैयार हो जाता है. इस तरह से हर्बल गुलाल से सुखद तरीके से परिवार के साथ होली का पर्व सेलिब्रेट किया जा सकता है. इसके अलावा अन्य सब्जी भिंडी ,धनिया, हलडी के गुलाल बनाये जा सकते है.

आलू का पाउडर हर्बल गुलाल में उपयोग करने के पीछे यह कारण भी है कि उसमें मैग्नीशियम ,जिंक, पोटैशियम, और विटामिन सी पाया जाता है जो कि आपके स्किन पर दाग धब्बे को दूर करता है.

हमें यकीन है कि इस रिपोर्ट को पढ़ने के बाद तो आप और अधिक भी हर्बल उपयोग करना शुरू कर देंगे और बस्तर में बने इन रंगों को खरीदने बाजार में निकल पड़ेंगे.

 

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