पाकिस्तान ने बंद किया रेडियो मशाल, मुल्ला रेडियो शुरू

नेमो इंटरनेशनल

अमेरिका से मदद के बंद होते ही पाकिस्तान ने पश्तो भाषा वाले रेडियो फ्री यूरोप/ रेडियो लिबर्टिज स्टेशन को बंद कर दिया है. इसे रेडियो मशाल के नाम से जाना जाता था. इसके साथ ही तालिबानी इलाकों में ‘मुल्ला रेडियो’ फिर शुरू हो गया है. अमेरिका ने इस पर गहरी चिंता जताई है.

पाकिस्तान का कहना है कि अमेरिका के पैसे पर पाले गए इस स्टेशन में पाकिस्तान के हितों के खिलाफ सामग्रियां प्रसारित की जाती हैं.

विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने एजेंसियों को बताया कि उन्होंहने हमने ये रिपोर्ट देखी है और पाकिस्तान सरकार के समक्ष अपनी चिंताएं प्रकट की है. हम मामले पर करीब से नजर बनाए हुए हैं.

प्रवक्ता ने कहा, “अमेरिका दुनिया भर में मीडिया की स्वतंत्रता का समर्थन करता है. सक्रिय और स्वतंत्र प्रेस लोकतांत्रिक सरकार की आधारशीला होती है.”

रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी ने साल 2010 में रेडियो मशाल की स्थापना की थी और इसे अमेरिकी सरकार द्वारा धन मुहैया कराया जाता है. अफगानिस्तान से लगे पाकिस्तान के कबाइली इलाके में चरमपंथी प्रचार के विकल्प के रूप में इसकी स्थापना की गई थी. इसके माध्यम से ऐसे श्रोताओं तक पहुंचने की कोशिश की गई जो इससे पहले तालिबानी चरमपंथियों के ‘मुल्ला रेडियो’ को सुनते थे.

आईएसआई द्वारा इस रेडियो स्टेशन पर पाकिस्तान के ‘हितों के खिलाफ’ कार्यक्रम प्रसारित करने के आरोप के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने इस स्टेशन को बंद करने के लिए कहा था.

हालांकि इस आरोप को रेडियो स्टेशन आरएफई/आरएल ने खारिज कर दिया.

आरएफई/आरएल के अध्यक्ष थॉमस केंट ने कहा, “ रेडियो मशाल किसी भी खुफिया एजेंसी या किसी सरकार के हित में नहीं काम करता है.”

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