गर्भवती महिलाओं होने वाले आयरन की कमी के लक्षण, कारण और निवारण

गर्भावस्था के दौरान सबसे अधिक पाई जाने वाली समस्याओं में हीमोग्लोबिन की कमी सबसे अधिक होती है. आपको आयरन की आवश्यकता हीमोग्लोबिन बनाने के लिए होती है. हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला प्रोटीन है, जो शरीर के विभिन्न अंगों तथा ऊतकों में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है. जब आप गर्भवती होती हैं, तो आपके शरीर को सामान्य से 50 प्रतिशत अधिक रक्त वहन करना पड़ता है.गर्भावस्था में आयरन की कमी एनीमिया का कारण बन सकती हैं.

इसलिए आपको पता होना चाहिए कि आप में आयरन की कमी क्यों हो रही है. आइए जानते हैं कि गर्भवती महिला के शरीर में आयरन की कमी होने के कारण और लक्षण क्या हैं.

आयरन क्या है और इसका क्या काम है: आयरन हीमोग्लोबिन का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है. हीमोग्लोबिन हमारी लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला प्रोटीन है जो शरीर के ऊतकों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है. आयरन मानव शरीर की प्रत्येक कोशिकाओं में मौजूद होता है. यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को दुरुस्त रखने में मदद करता है और संक्रमण और बीमारियों से लड़ने में भी सहायता करता है. यह ऊर्जा के उत्पादन में सफेद रक्त कोशिकाओं की मदद करता है. जब किसी व्यक्ति के शरीर में आयरन की कमी होती है तो उसे एनीमिक कहा जाता है. एनीमिक व्यक्ति बहुत आसानी से थक जाता है और कई बार बेहोश भी हो जाता है. आयरन की कमी से ग्रस्त व्यक्ति का चेहरा पीला और कमजोर लगता है. उनमें एकाग्रता की कमी और बालों के झड़ने की समस्या आम होती है.

आयरन की कमी के लक्षण:

अगर सप्लीमेंट्स लेने के बाद भी आपके शरीर में आयरन की कमी हो रही है तो आप नीचे दिए गए लक्षण अनुभव कर सकते हैं:

अत्यधिक तनाव

चक्कर आना और बेहोशी

अत्यधिक थकान

सांस फूलना

दिल की धड़कन का अनियमित होना

बालों का झड़ना

चेहरा मुर्झा जाना या पीला पड़ जाना

गर्भावस्था के दौरान आयरन की कमी के कारण: गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान आयरन की कमी एक बहुत ही सामान्य समस्या है. यह गर्भवती महिला के लिए कई अन्य समस्याओं का कारण बन सकती है. महिला को आयरन की कमी निम्न कारणों से हो सकती हैं:

शरीर को अधिक आयरन की आवश्यकता होती है: आपके शरीर को गर्भावस्था के दौरान पहले से दोगुने आयरन की आवश्यकता होती है. इसलिए आपका शरीर आयरन की अधिक खपत करता है.

विटामिन बी और फोलिक एसिड की अपर्याप्त मात्रा: शरीर में विटामिन बी और फोलिक एसिड की अपर्याप्त मात्रा के कारण भी आयरन कमी हो सकती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लाल रक्त कोशिकाएं आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी तीनों से मिलकर बनती है.

आयरन और कैल्शियम का सेवन: आयरन सप्लीमेंट्स के साथ कैल्शियम का सेवन करने से शरीर आयरन का अवशोषण ठीक से नहीं कर पाता है और इस कारण शरीर में आयरन की कमी हो जाती है.

गर्भावस्था में आयरन की कमी से होने वाले प्रभाव: गर्भावस्था के दौरान आयरन की कमी आपके स्वास्थ्य और आपके बच्चे के विकास नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है. इससे निम्न असर हो सकते हैं

बच्चे का विकास: अगर आपको गंभीर एनिमिया है तो आपके बच्चे का विकास प्रभावित हो सकता है.

समय से पहले डिलीवरी की संभावनाएं- यदि मां एनिमिक है तो बच्चे की समय से पहले डिलीवरी की संभावनाएं बढ़ जाती है.

बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली का कमजोर होना- मां में आयरन की कमी के कारण बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली भी कमजोर हो सकती है. ऐसे बच्चों के लिए बचपन में कई तरह के संक्रमणों से संक्रमित होने की अधिक संभावना होती है.

बच्चे को एनीमिया- बच्चे को भी एनिमिया हो सकता है और इससे उसका विकास प्रभावित होगा.

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