आए जानें कैसी रही सैफ की ‘कालाकाण्डी’

नाम : कालाकाण्डी

डायरेक्टर: अक्षत वर्मा

स्टार कास्ट: सैफ अली खान, सोभिता धूलिपाला, कुणाल रॉय कपूर ,दीपक डोबरियाल, विजय राज, अक्षय ओबेरॉय

अवधि:1 घंटा 52 मिनट

सर्टिफिकेट: A

रेटिंग: 2.5 स्टार

बॉलीवुड के छोटे नवाब कहे जाने वाले सैफ अली खान की फिल्म ‘कालाकाण्डी’ में एक अलग ही अंदाज़ देखने को मिला है. आज रिलीज़ हुई उनकी मूवी में वह एक कैंसर पेशेंट की किरदार निभाते हुए नज़र आ रहे हैं, जो एक ही रात में अपनी पूरी ज़िन्दगी जी लेने की ख़्वाहिश रखता है.

फ़िल्म कालाकाण्डी की कहानी घूमती है 3 अलग-अलग परिस्थितियों में जिनमें 7 से 8 मुख्य किरदार हैं. कहानी के एक हिस्से में सैफ़ अली ख़ान और अक्षय ओबेराय हैं. जहां अक्षय की शादी होने वाली है और सैफ़ उनका सिर के बाल कटवाने ले जाते हैं और इस बीच दोनों अलग-अलग तरह की कालाकाण्डी करते हैं. कहानी में दूसरा ट्रैक है कुणाल रॉय कपूर और उनकी गर्ल फ्रेंड का जो अमेरिका जाना चाहती है. कालाकाण्डी की कहानी का तीसरा ट्रैक है विजय राज़ और दीपक डोभरियाल का जो किसी गैंगस्टर के लिए काम करते हैं.

फ़िल्म कालाकाण्डी की अच्छाइयों की अगर बात करें तो फिल्म की कहानी एडल्ट है और भाषा काफी रफ है, जो शायद युवाओं को काफी पसंद आए, क्योंकि ये अलग तरह की फिल्म है और फ्लेवर डेली बेली जैसा ही है. किरदार रियल लगते हैं. पटकथा में कसाव है. कई जगह फ़िल्म हंसाती है. सैफ़ अली ख़ान सहित सभी कलाकारों ने अच्छा अभिनय किया है.

फिल्म की कहानी सबको नहीं भाएगी, क्योंकि लॉजिक दूर दूर तक नहीं है. तीनों कहानियों को मिलाने के दौरान थोड़े थोड़े जर्क भी सामने आते हैं, जिन्हें दुरुस्त किया जा सकता था. पूरी फ़िल्म रात में शूट की गई है जो एक्सपेरिमेंटल सिनेमा का एहसास तो दिलाती है मगर कहीं कहीं ठीक नहीं लगती. इस फ़िल्म में हिंदी संवाद से ज्यादा अंग्रेजी डायलॉग्स हैं जो आम दर्शकों को इस फ़िल्म से दूर कर सकते हैं.

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