ट्रम्प ने बिठाला दोनों को टेबल पर और कहा कि…

नेमो इंटरनेशनल

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प की गिनती लिखे जाने वाले इतिहास में उन लोगों में होगी जिनकी शायद ही कोई चाल फ़ैल हुई हो और जिन्होंने शायद ही कोई बाजी हारी हो. पक्के व्यापारी, दूरंदेशी और अमेरिका फर्स्ट के साथ साथ दुनिया की दादागिरी को भी और मजबूत करने के अपने इरादों को वे रोज नई मजबूती देते हैं.

पागल, सनकी और बदमिजाज कहे जाने वाले किम जोंग की अकल उन्होंने ठिकाने लगा दी है. उन्होंने दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया को लाकर एक टेबल पर बिठा दिया है और कहा है कि बातें करों दोस्ती की,

पहली बार औपचारिक वार्ता

दक्षिण और उत्तर कोरिया ने मंगलवार को दो साल से अधिक समय बाद अपनी पहली बैठक की. बैठक में इस साल होने वाले ओलंपिक खेलों पर चर्चा हुई.

यह बैठक आगामी प्योंगचैंग शीतकालीन ओलंपिक खेलों में प्योंगयांग की भागीदारी सुनिश्चित करने और लंबे समय से तनावपूर्ण रहे द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के तरीके खोजने पर केंद्रित रही. एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, वार्ता दक्षिण कोरिया के उत्तरी प्रांत के भारी सुरक्षा वाले सीमावर्ती इलाके पनमुनजोम गांव में हुई.

बीबीसी ने एजेंसियों के हवाले से लिखा है कि उत्तर कोरिया के मुख्य प्रतिनिधि री सोन ग्वोन ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा, “मैं यहां इन उम्मीदों के साथ आया हूं कि दोनों कोरियाई देश ईमानदार तरीके से बातचीत करेंगे, जिससे कि कोरियाई लोगों के लिए महत्वपूर्ण परिणाम निकाल सकें, जिन्हें इस बैठक से काफी उम्मीदें हैं.”

अच्छी शुरुआत यानी आधी जीत

वहीं, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दक्षिण कोरिया के मुख्य मध्यस्थ चो म्योंग ग्योन ने कहा, “यह वार्ता लंबे समय से तनावपूर्ण रहे अंतर कोरियाई संबंधों के बाद शुरू हुई है. अच्छी शुरुआत से ही आधी जीत हासिल हो जाती है. मुझे उम्मीद है कि दोनों पक्ष दृढ़ संकल्प और दृढ़ता से बातचीत कर सकते हैं.”

पहले सत्र की एक घंटे तक चली चर्चा के बाद उत्तर कोरिया ने पुष्टि की है कि वह दक्षिण कोरिया में फरवरी में आयोजित होने वाले प्योंगचैंग खेलों में एथलीटों और समर्थकों सहित एक प्रतिनिधिमंडल भेजेगा.

सियोल के उप एकीकरण मंत्री चुन हेई सुंग ने मीडिया को बताया, “उत्तर कोरियाई पक्ष ने एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, राष्ट्रीय ओलंपिक समिति प्रतिनिधिमंडल, एथलीटों, समर्थकों, कलाकारों, पर्यवेक्षकों, एक टायक्वोंडो प्रदर्शन टीम और खेल पत्रकारों को भेजने का प्रस्ताव रखा है.”

एकीकरण मंत्रालय के अनुसार, आधे घंटे के विश्राम के बाद दोनों प्रतिनिधिमंडलों में वार्ता के दूसरे दौर की शुरुआत हो चुकी है. उत्तरी कोरिया के नेता किम जोंग उन द्वारा नए साल के संदेश में सियोल के लिए एक दुर्लभ घनिष्ठता व्यक्त करने के बाद मंगलवार को दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच मुलाकात हुई. अपने संदेश में किम ने खेलों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की इच्छा व्यक्त की थी और कहा था कि देश बातचीत के लिए तैयार है.

ख़बरों के मुताबिक़, इस पूरी बातचीत के एजेंडे पर अमेरिका का कब्ज़ा है और कोई भी मुद्दा उसकी छाया से दूर नहीं है. आने वाले समय में यह बातचीत इस महाद्वीप में चीन की दादागिरी को बहुत हद तक कम कर देगी.

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